मनोविज्ञान क्या है? (What is Psychology)

मनोविज्ञान क्या है? मनोविज्ञान का अर्थ, मनोविज्ञान की परिभाषा

मनोविज्ञान का अर्थ

गैरेट (Garrett) के अनुसार साइकोलॉजी (Psychology) शब्द की उत्पत्ति यूनानी भाषा की दो शब्दों से हुई है । psyche ( साइकी) जिसका अर्थ Soul (आत्मा) और Logos जिसका अर्थ स्टडी (वर्णन या अध्ययन) होता है । इस प्रकार प्राचीन काल में Psychology या मनोविज्ञान का अर्थ Study of Soul अर्थात आत्मा का अध्ययन या आत्मा का ज्ञान प्राप्त करना होता था ।

Reyburn का मानना है कि मनोविज्ञान अरस्तु के समय से दर्शनशास्त्र के अंग के रूप में अपना जीवन आरंभ किया था । उस समय से लेकर सैकड़ों वर्षो तक मनोविज्ञान का अध्ययन दर्शनशास्त्र के रूप में किया जाता है । रेबन (Reyburn) के अनुसार आधुनिक काल में एक परिवर्तन हुआ है । मनोवैज्ञानिकों ने धीरे-धीरे मनोविज्ञान को दर्शनशास्त्र से पृथक कर लिया है ।

मनोविज्ञान के अर्थ में क्रमशः परिवर्तन (Gradual Change in the Meaning of Psychology)

मनोविज्ञान दर्शनशास्त्र से किस प्रकार अलग हुआ है और उसके अर्थ में किस प्रकार परिवर्तन हुआ है । वर्णन निम्नलिखित शिक्षकों के अंतर्गत किया जा रहा है ।

मनोविज्ञान का अर्थ, मनोविज्ञान की परिभाषा, मनोविज्ञान किस शब्द से उत्पन्न हुआ है,

आत्मा का विज्ञान (Science of Soul)-

अनेक यूनानी दार्शनिको ने मनोविज्ञान को आत्मा का विज्ञान माना है। इन दार्शनिकों में प्लेटो तथा अरस्तु महत्वपूर्ण है। इन सबके बावजूद कई दार्शनिक इस बात का उत्तर नहीं दे सके हैं कि आत्मा क्या है? एवं उसका रंग, रूप और आकार कैसा है? इस प्रकार 16वीं शताब्दी में मनोविज्ञान का यह अर्थ अस्वीकार कर दिया गया था।

मस्तिष्क का विज्ञान (Science of Mind) :-

मध्य युग के दार्शनिकों ने मनोविज्ञान को मन या मस्तिष्क का विज्ञान बताया है। इन मनोवैज्ञानिकों में इटली के दार्शनिक Pomponazzi ने मनोविज्ञान को मस्तिष्क का अध्ययन करने वाला विज्ञान बताया है। इसका मुख्य कारण यह था कि आत्मा के मानसिक और आध्यात्मिक पहलू अध्ययन के पृथक विषय हो गए थे। और कोई भी दार्शनिक मस्तिष्क की प्रकृति और स्वरूप को निश्चित नहीं कर सका। इसका परिणाम बताते हुए बी एन झा ने लिखा है कि “मस्तिष्क के स्वरूप के अनिश्चित रह जाने के कारण मनोविज्ञान में मस्तिष्क के विज्ञान के रूप में किसी प्रकार की प्रगति नहीं की है “, ।

चेतना का विज्ञान (Science of Consciousness) :-

19वीं शताब्दी में विलियम जेम्स तथा विलियम वुंट आदि विद्वानों ने मनोविज्ञान को चेतना का विज्ञान बताया है। उन्होंने कहा कि मनोविज्ञान मनुष्य की चेतन क्रियाओं का अध्ययन करता है पर वह चेतना शब्द के अर्थ के संबंध में एकमत नहीं हो सके हैं। दूसरे चेतन मन के अलावा चेतन मन और अवचेतन मन भी होते हैं। जो मनुष्य की क्रियाओं को प्रभावित करते हैं। इसके परिणाम स्वरूप मनोविज्ञान का यह अर्थ सीमित होने के कारण सर्वमान्य नहीं हो सका।

व्यवहार का विज्ञान :- (science of Behavior):-

बीसवीं शताब्दी के आरंभ में मनोविज्ञान के अनेक अर्थ बताए गए थे जिनमें सबसे अधिक मान्यता इस अर्थ को दी गई थी। “मनोविज्ञान व्यवहार का विज्ञान है”,। दूसरे शब्दों में कहें कि मनोविज्ञान मनुष्य के व्यवहार का अध्ययन करता है। आधुनिक समय में मनोविज्ञान शब्द का प्रयोग साधारण इसी अर्थ में किया जाता है।

मनोविज्ञान की परिभाषाएं :-

  • “ मनोविज्ञान मानव प्रकृति का अध्ययन है”, Boring, Langfeild and Weld
  • “ मनोविज्ञान का संबंध प्रत्यक्ष मानव व्यवहार से है”, Garrison &Others
  • “ मनोविज्ञान व्यवहार और अनुभव का विज्ञान है”, skinner
  • “ आधुनिक मनोविज्ञान का संबंध व्यवहार की वैज्ञानिक खोज से है”, Munn
  • “, मनोविज्ञान की सबसे संतोषजनक परिभाषा मानव व्यवहार के विज्ञान के रूप में की जा सकती है”, Pillsbury
  • “ मनोविज्ञान मानव व्यवहार और मानव संबंधों का अध्ययन है”, crow &crow
  • “ मनोविज्ञान वातावरण के संबंध में व्यक्ति की क्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन है”, Woodworth

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