शिक्षा मनोविज्ञान (Educational Psychology)

शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ एवं परिभाषा | Meaning of Educational Psychology | Scopes of Educational Psychology | एजुकेशन साइकोलॉजी

शिक्षा का अर्थ क्या होता है? शिक्षा को अंग्रेजी में एजुकेशन (Education) कहते हैं जो कि लैटिन भाषा के एजुकेटम (Educatum) का रूपांतरण होता है जिसका अर्थ है (To bring up together) गांधीजी के अनुसार शिक्षा का तात्पर्य ” व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा के समुचित विकास से लगाया जाता है”,

Shikhsa manovigyan, शिक्षा मनोविज्ञान, एजुकेशन साइकोलॉजी, Education Psychology,
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अंग्रेजी का Psychology शब्द दो शब्दों ‘Psycho’ और ‘Logus’ से मिलकर बना है ‘Psyche’ का अर्थ होता है आत्मा और ‘Logus’ का अर्थ होता है विचार विमर्श अर्थात आत्मा के बारे में विचार विमर्श या अध्ययन मनोविज्ञान में किया जाता है

Aristotle ने इस विषय को यथार्थ बनाया और कहा कि आत्मा शरीर से अलग नहीं होती विचार मनुष्य की क्रियाओं को प्रभावित करते हैं शरीर क्रिया विज्ञान ने मनोविज्ञान के अध्ययन में शरीर विशेष रूप से मस्तिष्क की क्रिया प्रतिक्रिया को महत्व दिया है

1879 ईसवी में वुंट ने विश्व की सर्वप्रथम मनोविज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना की इस प्रयोगशाला में व्यक्ति के चेतन मन का अध्ययन किया गया था बीसवीं शताब्दी में सिगमंड फ्रायड ने मन को तीन भागों में बांटा था चेतन अवचेतन और अचेतन मनोविज्ञान में चेतन के साथ-साथ अवचेतन मन का अध्ययन भी किया जाने लगा इसके पश्चात व्यवहारवादियो ने मनोविज्ञान के अंतर्गत व्यक्ति के व्यवहार का अध्ययन करने की बात कही मनोविज्ञान वास्तव में मानव व्यवहार के समस्त पहलुओं का अध्ययन करने वाला विज्ञान होता है

शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान कक्षा का है शिक्षा के सभी पहलुओं जैसे कि शिक्षा के उद्देश्यों, शिक्षण विधि, पाठ्यक्रम, मूल्यांकन, अनुशासन आदि को मनोविज्ञान ने प्रभावित किया है बिना मनोविज्ञान की सहायता की शिक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से नहीं चल सकती
सर्वप्रथम पेस्टोलॉजी (Pestalozzi) ने शिक्षा की मनोवैज्ञानिक परिभाषा दी थी-
Education is a natural, humanious and progressive development of man’s innate power”

शिक्षा मनोविज्ञान से तात्पर्य शिक्षण एवं सीखने की प्रक्रिया को सुधारने के लिए मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों का प्रयोग करने से होता है शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षिक परिस्थितियों में व्यक्ति के व्यवहार का अध्ययन करता है

स्किनर के अनुसार ” शिक्षा मनोविज्ञान मनोविज्ञान की वह शाखा है जो शिक्षण एवं अधिगम से संबंधित होती है

Crow and Crow ” शिक्षा मनोविज्ञान जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक के अधिगम अनुभव का विवरण एवं व्याख्या देता है “,

इस प्रकार शिक्षा मनोविज्ञान में व्यक्ति के व्यवहार मानसिक प्रक्रिया एवं अनुभव का अध्ययन शैक्षिक परिस्थितियों में किया जाता है शिक्षा मनोविज्ञान मनोविज्ञान की वह शाखा है जिसका अध्ययन शिक्षण की प्रभावशाली तकनीकों को विकसित करना तथा अधिगमकर्ता की योग्यता एवं अभिरुचियों का आंकलन करना है यह व्यवहारिक मनोविज्ञान की शाखा है जो शिक्षण एवं सीखने की प्रक्रिया को सुधारने में प्रयासरत रहती है

शिक्षा मनोविज्ञान का विषय क्षेत्र :-

  • शिक्षा की महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान में मनोविज्ञान मदद करता है l और यही सब समस्याएं व उनका समाधान शिक्षा मनोविज्ञान का कार्यक्षेत्र बनते हैं l
  • शिक्षक कैसा हो? यह शिक्षक की विशेषता बताता है मनोविज्ञान शिक्षक को अपने छात्रों को समझने में सहायता प्रदान करता है l और साथ ही यह भी बताता है कि शिक्षक को छात्रों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए l शिक्षक का व्यवहार पक्षपात रहित हो उनमें सहनशीलता होनी चाहिए l
  • विकास की विशेषताएं समझने में सहायता करता है प्रत्येक छात्र विकास की कुछ निश्चित अवस्थाओं से गुजरता है l जैसे शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था प्रौढ़अवस्था विकास की दृष्टि से इन अवस्थाओं की विशिष्ट विशेषताएं होती है l यदि शिक्षक इन विभिन्न अवस्थाओं की विशेषताओं से परिचित होता है l वह अपने छात्रों को भली प्रकार समझ सकता है l और छात्रों को उसी प्रकार निर्देशन देकर उनको लक्ष्य प्राप्ति में सहायता कर सकता हैl
  • शिक्षा मनोविज्ञान का ज्ञान शिक्षा को सीखने की प्रक्रिया में परिचित कराता है ऐसा देखा जाता है कि कुछ शिक्षक कक्षा में पढ़ाते समय अधिक सफल साबित होते हैं l तथा कुछ अपने विषय पर अच्छा ज्ञान होने की परीक्षा में शिक्षण में असफल होते हैं l प्रभावपूर्ण ढंग से शिक्षण करने के लिए शिक्षक को सीखने के लिए विभिन्न सिद्धांतों का ज्ञान, सीखने की समस्या, सीखने को प्रभावित करने वाले कारण और उनको दूर करने के उपायों की जानकारी होनी चाहिए l तभी और छात्रों को सीखने के लिए प्रेरित कर सकता हैl
  • शिक्षा मनोविज्ञान व्यक्तिगत विभिन्नता का ज्ञान कराता है l संसार के कोई भी दो व्यक्ति बिल्कुल एक से नहीं होते l प्रत्येक व्यक्ति अपने में विशिष्ट व्यक्ति होता है l एक कक्षा में शिक्षक को 30 से लेकर 50 छात्रों को पढ़ाना होता है l जिनमें अत्यधिक व्यक्तिगत विभिन्नता होती है l यदि शिक्षक को इस बात का ज्ञान हो जाए तो वह अपना शिक्षण सभी छात्रों की आवश्यकता को पूर्ण करने वाला बना सकता है l
  • व्यक्ति के विकास पर वंशानुक्रम एवं वातावरण का क्या प्रभाव पड़ता है यह मनोविज्ञान बताता है l वंशानुक्रम किसी भी गुण की सीमा निर्धारित करता है l और वातावरण उस गुण का विकास उसी सीमा तक करता है l अच्छा वातावरण भी गुण को उसी सीमा के आगे विकसित नहीं कर सकता l
  • पाठ्यक्रम निर्माण में सहायता करता है विभिन्न स्तरों के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम बनाते समय मनोवैज्ञानिक सिद्धांत सहायता पहुंचाते हैं l छात्रों की आवश्यकता उनकी विकास की विशेषताओं सीखने के तरीके व समाज की आवश्यकता है l यह सब पाठ्यक्रम में परिलक्षित होनी चाहिए पाठ्यक्रम में व्यक्ति व समाज दोनों की आवश्यकता को सम्मिश्रण रूप में रखना चाहिए l
  • विशिष्ट बालकों की समस्या एवं आवश्यकता क ज्ञान मनोविज्ञान शिक्षक को देता है जिससे शिक्षक इन बच्चों को अपनी कक्षा में पहचान सके उनकी आवश्यकता अनुसार मदद कर सके उनके लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन कर सके वह परामर्श दे सके l
  • मानसिक स्वास्थ्य का ज्ञान भी शिक्षक के लिए लाभकारी होता है मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति के लक्षणों को पहचानना तथा ऐसा प्रयास करना कि उनकी इस स्वस्थता को बनाए रखा जा सके l
  • मापन एवं मूल्यांकन के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों का ज्ञान भी मनोविज्ञान से मिलता है वर्तमान की परीक्षा प्रणाली से उत्पन्न छात्रों में डर चिंता नकारात्मक प्रवृत्ति जैसे आत्महत्या करने से छात्रों के व्यक्तित्व का विघटन साथ ही समाज का भी विघटन होता है l अतः सीखने के परिणामों का उचित मूल्यांकन करना तथा उपचारात्मक शिक्षण देना शिक्षक का अध्ययन होता हैl
  • समूह गतिकी का ज्ञान शिक्षा मनोविज्ञान कराता है
  • वास्तव में शिक्षक एक अच्छा पथ प्रदर्शक निर्देशक व कुशल नेता होता है l समूह गतिकी के ज्ञान से वह कक्षा रूपी समूह को भली प्रकार पर संचालित कर सकता है l और छात्रों के सर्वांगीण विकास में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकता है l
  • शिक्षा मनोविज्ञान विभिन्न प्रकार के रुचिकर प्रश्नों जैसे बच्चे भाषा का प्रयोग करना कैसे सीखते हैं? या बच्चों द्वारा बनाई गई ड्राइंग का शैक्षिक महत्व क्या होता है? पर विचार करता है l

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2 thoughts on “शिक्षा मनोविज्ञान (Educational Psychology)”

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